40 मिनट में 16 छक्के, क्रिकेट को कहा अलविदा!

07

साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान ए बी डिविलियर्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. डिविलियर्स ने थकान का हवाला देते हुए ये फैसला लिया. अपने 14 साल के क्रिकेट करियर में इस बल्लेबाज ने वैसे तो कई तूफानी पारियां खेली लेकिन 18 जनवरी, 2015 को डिविलियर्स ने ऐसा जादू चलाया जिसे शायद क्रिकेट इतिहास की सबसे गजब पारी खेलें तो कुछ गलत नहीं होगा. हम बात कर रहे हैं वनडे क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज शतक की जो डिविलियर्स के बल्ले से निकला था.

एबी डिविलियर्स ने महज 31 गेंदों में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक ठोक दिया था. जोहानिसबर्ग में डिविलियर्स ने कोरे एंडरसन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 36 गेंदों में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही शतक ठोका था.डिविलियर्स ने अपने इस शतक के दौरान महज 16 गेंदों में अर्धशतक लगाया था जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इससे पहले ये रिकॉर्ड सनथ जयसूर्या के नाम था जिन्होंने 17 गेंदों में पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक लगाया था.

डिविलियर्स ने क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज वनडे शतक के दौरान 16 छक्के लगाए थे. डिविलियर्स ने रोहित शर्मा की बराबरी की थी, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रनों की पारी के दौरान 16 छक्के जड़े थे.

एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास का ऐलान कर दिया है. उन्‍होंने थकान की वजह से तीनों फॉर्मेट से तुरंत प्रभाव से संन्‍यास लेने का फैसला किया है. एबीडी के नाम अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड हैं. उन्‍होंने वनडे में सबसे तेज फिफ्टी(16 गेंद), शतक(31 गेंद) और 150 रन(64) बनाए हैं. उन्‍होंने कुल 20014 अंतरराष्‍ट्रीय रन बनाए. इसमें 8765 टेस्‍ट, 9577 वनडे और 1672 टी20 रन बनाए हैं.

अपने बयान में उन्‍होंने कहा, 'मैंने तुरंत प्रभाव से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास लेने का फैसला किया है. 114 टेस्‍ट, 228 वनडे और 787 टी20 के बाद अब समय है कि दूसरों को मौका मिले. मैंने अपना मौका भुनाया और ईमानदारी से कहूं तो मैं थक गया हूं. यह काफी मुश्किल फैसला था, इस बारे में मैंने काफी गंभीरता से विचार किया और मैं थोड़ा बहुत क्रिकेट खेलते हुए रिटायर होना चाहूंगा. भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ शानदार सीरीज जीतने के बाद हटने का यह सही समय है.'

डिविलियर्स ने इस बात से इनकार किया कि पैसों के लिए वे कहीं ओर नहीं खेलेंगे. उन्‍होंने लिखा, 'यह पैसों का मामला नहीं है. मेरी ऊर्जा खत्‍म हो रही है और जाने के लिए यह सही समय है. हर चीज का एक वक्‍त होता है. विदेशों में खेलने का कोई विचार नहीं है. उम्‍मीद करता हूं कि मैं घरेलू क्रिकेट में टाइटंस के लिए उपलब्‍ध रहुंगा. मैं फाफ डु प्‍लेसिस और प्रोटीज टीम का सबसे बड़ा समर्थक रहूंगा.'