भारतीय महिला क्रिकेट टीम को मिली नई पहचान

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नई दिल्ली: भारत क्रिकेट प्रेमियों का देश है लेकिन प्रशंसकों का प्रेम सिर्फ पुरुष टीम तक ही सीमित था। इस साल 23 जुलाई से देश की महिला क्रिकेट टीम को भी एक नई पहचान मिली। भारतीय महिला टीम भले ही वर्ल्डकप लाने से चूक गई हो लेकिन वह देशवासियों का दिल जीतने में जरूर कामयाब हो गई। भारत ने टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड, वेस्डइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को पछाड़ते हुए फाइनल का सफर तय किया। टीम ने अपने प्रदर्शन के दम पर महिला क्रिकेट को लेकर देश की सोच को बदल दिया है।

टीवी पर प्रसारण हुआ
आमतौर पर महिला क्रिकेट के मैचों का प्रसारण टीवी पर नहीं होता था और कहा जाता था कि कि वहां न तो पुरुष टीम जैसे बड़े नाम हैं और न ही प्रायोजकों की लंबी कतारें। इस बार देश क्या दुनियाभर ने भारतीय महिलाओं की प्रतिभा को देखा, परखा और पहचाना।

देश वापस लोटने पर हुआ जोरदार स्वागत 
आईसीसी वर्ल्डकप में खिताब से चूकने के बाद राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी जब मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचीं, तो उनके स्वागत को हजारों प्रशंसकों की भीड़ वाहें फैलाए खड़ी थी। प्रशंसकों ने उनका ‘हीरो’ की तरह जोरदार स्वागत किया गया। टीम की खिलाड़ियों पर ईनाम की बौंछार की गई और कुछ को तो नौकरी के ऑफर भी मिले।

इन खिलाड़ियों ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित-

मिताली राज: मिताली के नेतृत्व में न सिर्फ टीम वर्ल्ड कप की उपविजेता रही बल्कि शानदार बल्लेबाजी के बदौलत मिताली ICC रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर हैं। वह टूर्नामेंट में 409 रनों के साथ दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज़ रही। 

हरमनप्रीत कौर: पंजाब की इस खिलाड़ी ने भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 171 रनों की नाबाद पारी खेलकर सबको चौंका दिया। हरमनप्रीत ने इस मैराथन पारी में 20 चौके और 7 छक्के जड़कर कंगारू गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी।

स्मृति मंधाना: वर्ल्ड कप के दौरान महिलाओं में सबसे खूबसूरत क्रिकेटर्स में गिने जाने वाली स्मृति ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 108 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुनी गईं। इसके बाद वह काॅफी समय तक सोशल मीडिया पर छाई रही और उन्हें महिला क्रिकेट की सचिन तेंदुलकर कहा जाने लगा। हालांकि के उसके बाद वह कुछ खास नहीं कर पाई।

दीप्ति शर्मा: दीप्ति 2017 वर्ल्ड कप में भारत के लिए एक बेहतरीन ऑल राउंडर बन कर उभरी। उन्होंने टूर्नामेंट में 2 अर्धशतकों के साथ 31 के औसत से 216 रन बनाए और  गेंदबाज़ी में 12 विकेट चटकाए। इस तरह वह टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज़ रही।

झूलन गोस्वामी: इस गेंदबाज के अनुभव का फायदा टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में हुआ। उन्होंने टूर्नामेंट के लगभग हर एक मैच में पारी की शुरूआत में विकेट चटकाकर विरोधी टीम पर प्रेशर बनाने में अहम योगदान दिया।

हालांकि वर्ल्ड कप के बाद टीम ने क्रिकेट नहीं खेली लेकिन अगले साल कुछ सीरीज शेडयूल की गई हैं और उम्मीद की जाएगी की विमेंस क्रिकेट पर अब खास ध्यान दिया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा मैचों के आयोजन के साथ-साथ टीवी पर प्रसारण भी होगा